कहाँ से शुरु करुँ ?

सोमवार, जून 20, 2005

युं तो मै इद्रंजाल पर हिंदी की लगभग सभी पत्रीकाओ का नियमीत पाठक था, समाचार भी बी बी सी या अमर उजाला पर ही पढता था । ब्‍लागर का नाम तो सुन रखा था, लेकिन ये होता क्‍या है इससे पुरी तरह अजांन था । अभिव्‍यक्‍ति पर चलो चिठ्‍ठा लिखें पढा । अब हमारे ज्ञानचक्षु खुले और हम चिठ्‍ठा की महिमा से अवगत हुवे। उसके बाद हमने आरभं किया , इद्रंजाल को खंगालना । पता चला हम इस तीव्र सुचना तकनीक के युग मे रहते हुवे( काम करते हुवे) भी कितने अज्ञान थे , ठीक उसी तरह जीस तरह प्रमोद महाजन लोकसभा चुनाव के पहले थे । खैर देर से आये दुरूस्‍त आये । एक के बाद एक चिठ्‍ठा पढा फुरसतिया को फुरसत से,ईस्‍वामी को श्रद्‍धा से(नोट किया जाए कि श्रद्‍धा नामक किसी कन्‍या से हमारा कोई सबंध नही है !),रोजनामचा तेज गली की रफ्‍तार से,ठेलुवा को ठेलवयी करते हुवे पढा । हम पढते रहे और सीर धुनते रहे कि हमने अपना खाली समय ऐसे ही अपनी टीम को डाटंने फटकारने मे बरबाद कर दिया ।(बदां गलती से प्रोजेक्‍ट मैनेजर है।)
हमने भी सोच लीया कि हम भी चिठ्‍ठा लिखेगे । चिठ्‍ठा लिखने कई फायदे हमे नजर आये ,अव्‍वल तो हमारी टिम शांती के साथ काम करेगी (वैसे तो शांती हमारे कक्ष मे महत्‍वपुण चचा मे व्‍यस्‍त रहती थी)। दुसरा कंपनी को भी लगेगा कि हम कुछ काम करते भी हैं (मगर क्‍या ? ये तो आजतक हमे खुद नही मालुम कि हम करते क्‍या है ?)
तो भाई लोगो हमने भी विश्‍वजाल पर अपना चिठ्‍ठा बना तो लिया, अब चिठ्‍ठा के नामकरण का सवाल ? ये यक्ष प्रश्‍न हल किया बालाजी ने,उसने हमे चितांग्रस्‍त पा कर पुछ लिया "ए खाली-पीली क्‍या कर रहा है ?" आपकी जिज्ञासा की शातीं के लिए बता दें बालाजी भी खाली-पीली यानी प्रोजेक्‍ट मैनेजर है । मुझे अपने चिठ्‍ठे का नाम मील गया ।

अब रहा सवाल हिंदी मे टकंण का, अतुल भाई के रोजनामचा से छहारी का पता चला । शुरुवात मे कुछ तकलीफ हुई पर छहरी कुजींपटल का प्रयोग भी सीख लिया ।

अब सबसे बढा सवाल इस चिठ्‍ठे मे लिखा क्‍या जाए ? कहाँ से शुरु करुँ ? इस सवाल का जवाब अगले अकं मे । मिलते हैं एक लघु अतंराल के बाद ।

2 comments:

अनूप शुक्ला मंगलवार, जून 28, 2005 10:56:00 am  

आशीष भाई, हार्दिक स्वागत चिट्ठा शुरु करने के लिये। दोनों पोस्ट के बाद अब तीसरी का इंतजार है। कुछ फुरसत हो तो अनुगूँज पर लेख लिखो-माज़रा क्या है?

Anmol Sahu रविवार, मई 13, 2012 3:41:00 am  

Apni is blog ke baare mein kabhi bataya nahi...!!!

Ab ise bhi padhna padega..!

मेरे बारे मे

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आशीष श्रीवास्तव
सूचना प्रौद्योगिकी मे 14 वर्षो से कार्यरत। विज्ञान पर शौकीया लेखन : विज्ञान आधारित ब्लाग विज्ञान विश्व तथा खगोल शास्त्र को समर्पित अंतरिक्ष । एक संशयवादी(Skeptic)व्यक्तित्व!
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