उत्तर विशेषज्ञ : मेरा मुफ्त सलाह केन्द्र

सोमवार, दिसंबर 26, 2005



आजकल मै थोडा परेशान हुं। ना ना अपनी परेशानीयो से नही, लोगो की परेशानीयो से। अब समझ मे नही आता ऐसा क्या है कि जो देखो अपना दुखडा लिये मेरे पास चला आता है। और दुखडे भी ऐसे कि जिसका मुझे कोई अनुभव ही नही है। कुल मिला कर मै दुखियारा मौसा((Agony aunt का पुरूष वाचक शब्द) बन गया हुं आजकल।

हम ठहरे जावा के मास्टर, जावा के हर मर्ज का ईलाज है हमारे पास, लेकिन आजतक किसी ने एक ठो सवाल नही पूछा। तकनीकी समस्या के लिये सबके पास गूगल जो है, लेकिन अपने हर दुखडे के लिये लोगो ने हमे गूगल बना दिया है…

हमारे मद्रासी साथी सुबु की सगाई हो गयी है। कुछ ही दिनो मे बर्बाद होने जा रहे है। काफी बडा मसला है। हम भी थोडे उत्साहित थे, चलो अपना पूराना यार शादी कर रहा है। लेकिन सुबु भाई हर दिन कोई ना कोई समस्या लेकर हाजीर। इस सप्ताहांत मे उससे मिलने कि योजना है कहां जाना चाहिये ? कल उसका जन्मदिन है क्या उपहार देना चाहिये ? लडकियों को क्या पसन्द होता है वगैरहा वगैरहा। अब इन्हे कोई बताये अगर हमे खुद यह सब मालूम होता तो हमारी खुद की शादी ना हो गयी होती ?

अब हमारे साथ हमारे रूम मे रहने वाले नन्दी महाराज को इश्क हो गया। सहायता सलाह के लिये पहुच गये हमारे पास। हमने अपनी तरफ से पूरी कोशीश की, हर तिकडम लगाई, ढेरो जुगत बतायी, नन्दी भाई ने पूरी कोशीश भी की लेकिन नतिजा सिफर रहा। अब तो नन्दी महाराज को समझ आ जाना चाहिये था कि हमारी सलाह से उसका भला होने की बजाये नुकसान हो गया। ना जी ना, मेरा कन्धा जो हाजीर था उनके आंसुओ से भीगने के लिये !

हमारे एक जिगरी दोस्त है राजेश। अंग्रेज हो गये है, मतलब यु के मे काम कर रहे है। हम उनके पूराने परामर्शदाता है। पहले प्यार से लेकर अब तक के दर्जनो प्यार मे हम उनकी नैया पार करा(डुबा) चुके है। उनकी नयी नयी समस्या ये है कि उनका भी शादी का मूड बन गया है। अब समस्या ये है कि उन्हे जो लडकी पसंद है वो पिताश्री और भ्राताश्री को पसन्द नही, लेकिन मम्मी और बहन को पसंद है। घर मे महाभारत छिड़ा हुवा है। पिताश्री और भ्राताश्री एक ओर कौरव पक्ष मे, मम्मी और बहन दुसरी ओर पाडंव पक्ष , बिच मे खडे है राजेश भाई अर्जुन बन कर। हमारे कलयुगी अर्जुन को हम श्रीकृष्ण नजर आते हैं !

एक और यार है संजय। उम्र हो चली है, ३० साल से उपर के है। उनसे बडे भाई भी अब तक सुखी है मतलब क्वारें है। इनकी समस्या ये है कि बडा भाई शादी करने तैयार नही है, पिताश्री का दबाव अब इन पर है कि जब बडा शादी नही कर रहा है तो छोटा ही कर ले। अब दुखडा सुनने के लिये, सलाह देने मै हुं ना । बडे भैया से बात की तो भैया हम पर गुर्राये
 ” ज्यादा अकल आ गयी है क्या ? तु खुद शादी क्यो नही कर रहा ?”
 संजय को समझाया कि भाई तु तो शादी कर ले। संजय भाई बडी दुख भरी आवाज मे बोले
“आशीष तु भी” !”
पूरे जुलियस सीजर के अंदाज मे “ब्रुटस यु टू"

मेरा दुसरा रूम पार्टनर अन्ना की समस्या और भी विकट है। भाई को नौकरी मिले जुम्मा जुम्मा २ साल हुये है, वेतन ठिकठाक है लेकिन इतना नही कि बीवी के साथ खुश रह सकें। लेकिन माता पिता हाथ धोकर पिछे पड़े है कि अन्ना शादी कर ले। यहां तक तो ठिक है, उन्होने लडकी भी पसन्द कर ली है। वैसे लडकी अपने हीरो(?) को भी पसन्द है। अब अन्ना अपना दुखडा रोने के लिये कहां जाये ?

सुबह शाम एक ही रट :
“दादा , मै क्या करू ?”
 “करना क्या है, मा बाप ने जब सोच लिया है तो शादी कर ले। जब की तब देखी जायेगी”
 “लेकिन दादा मेरे इतने से वेतन मे क्या होगा ? कैसे गुजारा चलेगा ?”
हम मन ही मन मे
” पूछ तो ऐसे रहा है कि मैने २-३ बीवीया कर रखी है।”
प्रत्यक्ष मे
“ भैया लडकी अच्छी होगी इतने वेतन मे संतोष कर लेगी, नही होगी तो तु लाख रूपया भी कमा तो भी संतोष नही होगा !” 
मै एक दार्शनिक सा चेहरा बना लेता हुं।

”दादा लेकिन उसके भी तो कुछ सपने होंगे, कुछ सोच रखा होगा। उसका क्या होगा ?”

मै अपना सीर पिट रहा हुं!
 “कोई बात नही यार शाम को बात करते है!”
शाम को फीर से
“दादा,अगर वो नौकरी करे तो कैसा रहेगा  ?”
मै मन मे
“अबे उसके सपने गये तेल लेने। ” 
प्रत्यक्ष मे
“बढिया आईडिया है, ये तुने पहले क्यों नही सोचा ?”
”लेकिन दादा कौनसी नौकरी अच्छी रहेगी ”
” देख वो संगणक विज्ञान मे एम एस सी है, अपनी कम्पनी मे कोशीश कर लेते है। यहां नही हुवा तो बी पी ओ मे तो आराम से हो जायेगा”
एक सुबह अन्ना:
“दादा , सब घपला हो गया , उसकी अंग्रेजी अच्छी नही है। उसकी नौकरी के वांदे हो जायेंगे”
” क्यों भाई ऐसा क्या हो गया ?”
“आज मैने उससे अंग्रेजी मे बात की, वो जवाब नही दे पा रही थी!”
“अबे अंग्रेज, वो थोडा घबराहट मे नही बोल पा रही होगी। कुछ लोग आत्माविश्वास की कमी से अंग्रेजी नही बोल पाते है”
“नही दादा मेरा मन अब घबरा रहा है”
” एक काम कर उसको याहू चैट पर बुला, और बात कर। वो यदि चैट पर यदि अंग्रेजी मे लिख कर बाते कर सकती है तो इसका मतलब होगा कि उसे अंग्रेजी आती है बोल नही पा रही है। और यदि ऐसा है तो धीरे धीरे ठिक हो जायेगा। और वह अंग्रेजी बोलने का कोर्स भी कर सकती है”
शाम को अन्ना :
“दादा, मैने मामला सेट कर दिया है। वो अगले हफ्ते से अंग्रेजी का कोर्स कर रही है”
आज सुबह अन्ना :
“दादा, शादी के बाद लिये क्या क्या खरीदना चाहिये। किस किस चिज की जरूरत होगी ?”
कोई बात नही यार शाम को आराम से बैठकर बात करते है ”
हम उपरवाले को याद कर रहे है
“हे भगवान यहां तो ठिक है, उपर ऐसे रूम पार्टनर मत देना। “
अब रात हो गयी है, कार्यालय मे कोई नही है लेकिन मै अभी भी कार्यालय मे बैठा हुं। मुझे रूम जाने से डर लग रहा है। रूम पर अन्ना बैठा है अपने सवालो को लेकर !



3 टिप्पणीयां “उत्तर विशेषज्ञ : मेरा मूफ्त सलाह केन्द्र” पर
बबुआ, तुम भी सलाहकार खोजो न कोई। अपना भी कुछ हिसाब बनाओ। कब तक दूसरों को डुबाते रहोगे?
अनूप शुक्ला द्वारा दिनांक दिसम्बर 27th, 2005

Ashish tumko shadi karne ki koi jaroorat nahi hai, jaab doston ne hi saari samasyein gift main de di hain to phir tum shadi karke kaise apna swasthya bigadoge.
kali द्वारा दिनांक दिसम्बर 27th, 2005

भई, पढ़कर मज़ा आ गया। आप यह प्रविष्टि अपने सभी दोस्‍तों को पढ़वा दीजिए। इससे आपका और आपके दोस्‍तों का, सबका ही फ़ायदा होगा। आपका फ़ायदा यह होगा फिर कोई आपसे सलाह नहीं मांगेगा, क्‍योंकि सब जान जाएंगे कि आपने जिसे जो भी सलाह दी है उसका परिणाम उल्‍टा ही निकला है। ऐसी सलाह से वंचित रहना तो आपके दोस्‍तों के लिये भी लाभदायक साबित होगा।
Pratik Pandey द्वारा दिनांक दिसम्बर 28th, 2005

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आशीष श्रीवास्तव
सूचना प्रौद्योगिकी मे 14 वर्षो से कार्यरत। विज्ञान पर शौकीया लेखन : विज्ञान आधारित ब्लाग विज्ञान विश्व तथा खगोल शास्त्र को समर्पित अंतरिक्ष । एक संशयवादी(Skeptic)व्यक्तित्व!
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