अंग्रेजी एक लंबे समय तक मेरे लिये हौवा रही है।इस विदेशी भाषा से लढने और काबू पाने के लिये मुझे एक अरसा लग गया। इस भूत को मैने कैसे काबू मे किया, यह एक लंबी कहानी है....
मेरा बचपन एक गाँव मे बीता है जोकि जिल्हा मुख्यालय से 30 किमी दूरी पर था। गाँव मे आधुनिक सुविधाओं के नाम पर ज़्यादा कुछ नही था, लेकिन बिजली थी, आवागमन के लिये दिन मे राज्य परिवहन निगम की बसे कुछ घंटो के अंतराल पर थी। गाँव के लोग उच्च शिक्षित तो नही थे लेकिन अधिकतर लोग साक्षर थे और अनपढ़ो की संख्या अपेक्षतः स…
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