अंग्रेजी एक लंबे समय तक मेरे लिये हौवा रही है।इस विदेशी भाषा से लढने और काबू पाने के लिये मुझे एक अरसा लग गया। इस भूत को मैने कैसे काबू मे किया, यह एक लंबी कहानी है....
मेरा बचपन एक गाँव मे बीता है जोकि जिल्हा मुख्यालय से 30 किमी दूरी पर था। गाँव मे आधुनिक सुविधाओं के नाम पर ज़्यादा कुछ नही था, लेकिन बिजली थी, आवागमन के लिये दिन मे राज्य परिवहन निगम की बसे कुछ घंटो के अंतराल पर थी। गाँव के लोग उच्च शिक्षित तो नही थे लेकिन अधिकतर लोग साक्षर थे और अनपढ़ो की संख्या अपेक्षतः स…
आज सुबह सुबह मेलबाक्स खोला, एक चिठ्ठी आयी थी।एक पूराने मित्र ने पत्र लिखा था। पढ्कर एक खुश नुमा अहसास हुआ, थोडा अचरज भी। इमेल और इस मित्र से ? जहां तक कम्प्युटर के ज्ञान का प्रश्न है , मेरी जानकारी मे उसे नही था। खैर मैने उसके मेल के उत्तर मे उसे फोन किया। पता चला कि उसने हाल ही मे एक संस्थान मे कंप्युटर सीखना शुरू किया था और उसे इमेल करना सिखाया गया था।
खुशी इस बात की ज्यादा थी कि उसने अपनी जिंदगी का पहला इमेल मुझे किया था और दुःख इस बात का कि मैं शायद अब उसे लगभग भुल चुका…
सोशल मिडीया पर