इंटरनेट पर दावा किया जाता है कि ऋग्वेद मे प्रकाश गति दी गई है। इस तरह की अफवाहों को बढ़ावा एच सी वर्मा की किताब "Concepts of Physics" से भी मिलता है।
ऋग्वेद मे एक सूक्त है : ‘तरणिर्विश्वदर्शतो ज्योतिष्कृदसि सूर्य । विश्वमा भासि रोचनम् ।।’ ।।ऋृग्वेद 1.50.4।।अर्थात् हे सूर्य ! तुम तीव्रगामी एवं सर्वसुन्दर तथा प्रकाश के दाता और जगत् को प्रकाशित करने वाले हो ।इस सूक्त पर भाष्य करते हुए महर्षि सायण ने लिखा है -‘तथा च स्मर्यते योजनानां सहस्त्रं द्वे द्वे शते-द्वे च य…
1990 के आसपास पत्रिकाओं अखबारों में एक विज्ञापन पढ़ते थे। राजस्थान की किसी जगह का था, कोटा था या कोई और याद नही।उस विज्ञापन में मस्तिष्क की शक्ति, पढ़ने की गति बढाने की कोई पुस्तक बेची जाती थी। पुस्तक हिंदी में थी लेकिन पुस्तक के टाइटल में "माइंड" या "ब्रेन" शब्द था। विज्ञापन का लब्बोलुबाब था कि मानव अपने मस्तिष्क का केवल 20% प्रयोग करता है। आइंस्टाइन जैसे लोग भी 25% प्रयोग कर पाते है। प्राचीन कॉल में ऋषि लोग कुंडलिनी जागरण से इसे 80% तक पहुंच देते थे। पुस्…
और पढ़ेंविज्ञान के फ़ोरमो, चर्चा समूहों मे अक्सर यह चर्चा चलते रहती है कि सर्वश्रेष्ठ/महानतम वैज्ञानिक कौन है या था ? इस प्रश्न के कुछ रूपान्तरण भी मिलते है जैसे अब तक का या इस सदी का या पिछली सदी का, या इस देश का वगैरह। इसमे यदि विकल्प दिये हुये है तो दो तीन नाम हमेशा मिलेंगे , दो नाम का उल्लेख मै विशेष तौर पर कर रहा हुँ, वे है स्टीफ़न हाकिंग और निकोला टेस्ला। इन दो नामो के विशेष उल्लेख का कारण है, जिस पर चर्चा आगे करते है।
सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिये कि विज्ञान कोई एक स्थिर या …
मैं संशयवादी (skeptic) हुँ, किसी भी बात पर विश्वास करने से पहले ठोक बजा लेने की आदत बचपन से बनी है। इन सब से होता यह है कि किसी भी अफवाह की चपेट में आसानी से नही आता। 2002 के आसपास एक मित्र अपोलो 11 के द्वारा चन्द्रमा पर अवतरण को झूठ बताते हुए कुछ लिंक दी, साथ ही में फॉक्स टीवी के एक वृत्तचित्र(डॉक्यूमेंट्री) की लिंक। देखा थोड़ा चकराया, विश्वास हिला। उसके बाद इंटरनेट पर खोजना आरम्भ किया। खोज के शब्द थे Moon Landing Hoax, जितने भी लिंक मिले सारे चन्द्रमा पर अवतरण को गलत बात र…
और पढ़ें
सोशल मिडीया पर