कांसपीरेसी थ्योरी

मंगलवार, जून 30, 2020

गुणीजनों, संतजनो ,
आज प्रवचन का विषय है, कांसपीरेसी थ्योरी। कांसपीरेसी का अर्थ है षड्यन्त्र लेकिन थ्योरी का अर्थ यहाँ ग़लत लिया जाता है। विज्ञान के अनुसार थ्योरी का अर्थ होता है, प्रमाणित सिद्धांत या अवधारणा। लेकिन कांसपीरेसी थ्योरी में यह केवल अवधारणा होती है जिनका आधार अधकचरी सूचनाओं, अफ़वाह और उससे निकाले बेहूदा निष्कर्षों पर होता है।
विद्वानों, कांसपीरेसी थ्योरीयों का इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन सूचना क्रांति के इस कालिकाल में इसका विस्तार दिन दून रात चौगुना हो रहा है। कोराना काल में इसके कई नए प्रवर्तक उत्पन्न हुए है।
कांसपीरेसी थ्योरी वाली बीमारी मुख्यतः पश्चिम तक थी लेकिन अब इसका बाजार अब अमरीका से भारत भी आ गया है! अमरीका , यूरोप में ढेर सारी कांसपीरेसी थ्योरी का अस्तित्व है, जैसे न्यू वर्ल्ड ऑर्डर, इल्यूमिनटी, ज़ीयोन कांसपीरेसी। अधिकतर कांसपीरेसी थ्योरी की जड़ में पूँजीपतियों द्वारा विश्व नियंत्रण का षड्यन्त्र ही पाया जाता है।
लगता है जल्दी ही X-Files का भारतीय वर्शन भी India TV पर आयेगा!
भारत में प्रचलित कांसपीरेसी थ्योरी में सुभाष चंद्र बोस कांसपीरेसी, इटली माफिया और केजीबी द्वारा भारत पर नियंत्रण (स्वामी वाली)जैसी गाथायें है। कुछ पुरातन प्रवर्तक जैसे पी एन ओक है जो तेजोमहालय बना देते है, वामीयो द्वारा इतिहास को विकृत किए जाने की घोषणा कर नव इतिहास गाड़ने(पढ़े गड़ने) वाले भी है। एक पत्रकार है जो बोस कांसपीरेसी थ्योरी पर ही जीवन यापन कर रहे है।
कोरोंना काल में बिल गेट्स कांसपीरेसी थ्योरी का उद्भव हुआ है। उसके अनुसार सब कुछ बिल गेट्स का किया धरा है। बिल गेट्स चराचर विश्व के स्वामी है। सारी विश्व की सरकार और नेता सुबह उठते साथ बिल गेट्स को फ़ोन कर निर्देश लेते है कि आज क्या करना हैं। बिल्लु भैया बताते है की इलेवन जीनपिंग आज इस लैब से वायरस निकालो, ट्रैम्पू तुम आज इतने मरीज दिखाओ, पूतिनवा तुम आज इतने मरीज़ों को मारोगे, बोरिस आज इतने टेस्ट करो, नरेंद्र आज बाबा की दवाई पर बैन लगाओ।
गुणीजनों, इनके अनुसार बिल्लु भैया की वैक्सीन बनाने वाले समस्त फ़ार्मा कंपनियो से साँठ गाँठ है, वो बोलेंगे तो वैक्सीन बनेगी, जिसको बोलेंगे वही वैक्सीन बनाएगा। बाक़ी सब को ठिकाने लगाया जाएगा। ना खाता ना बही जो बिल्लु बोले वही सही।
ये प्रवर्तक इतने कनफ़्यूज है कि इनके थ्योरी में कोरोना वायरस से अधिक म्यूटेशन है। पहले ये कोरोना को महामारी नही मान रहे थे। जब लाखों मरीज़ देखे तो कहे कि जान लेवा नही है, फ़्लू मात्र है। जब लाखों मरते देखे तो कह रहे है कि डर का बिज़नस है, डरेंगे नही तो दवा या वैक्सीन कैसे बिकेंग़ी। हर नई दवा के ट्रायल में बिल्लु भैया को घुसेड़ दे रहे है। तर्क भी ऐसे की गलेनमार्क में एक एल है, बिल गेट्स के नाम में भी एल है, मतलब कि बिल गेट्स ही इस दवा को सामने ला रहा है।
इनसे पूछो कि बिल्लू भैया और विश्व सरकारे ऐसा क्यों कर रहे है ? उत्तर पुराना मिलता है पूँजीपतियों द्वारा विश्व नियंत्रण का षड्यन्त्र। वही घिसा पिटा दशकों पुराना रिकार्ड,यह भले ही भारत के लिए नया अवश्य है। फिर वही न्यू वर्ल्ड ऑर्डर, इल्यूमिनाती, ज़ीयोन कांसपीरेसी का कूड़ा। पुरानी शराब नई बोतल में।
तो संत जनो, आप पूछेंगे कि ये सब कांसपीरेसी फैलाकर उन्हें क्या मिलाता है। पैसा! या पैसे बनाने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म। ढेरों फ़ॉलोअर। कल एक किताब ठोंक दे हजारों ख़रीदेंगे। बैचेन मानव से, महाबंदर तक सब बिकता है। एक्जाम वारीयर्स बिक सकती है तो कोरोना वारियर्स क्यों नही बिकेग़ी।

वो कैसे?

विद्वानों, ये बाज़ार भारत में नया है, लेकिन अन्य देशो में ये पैसे बनाने का आसान उपाय है। एक उदाहरण डैन ब्राउन है, उनके सारे उपन्यास इन्हीं कांसपीरेसी के आसपास घूमते है, करोड़पति है अब। फ़ोक्स टीवी , हिस्टीरिया चैनल जैसे चैनल चलते है। किताबें बिकती है, यूट्यूब चैनल चलते है, डीवीडी बिकती है। भारत में ही कई लेखक सैंकड़ों किताबें बेच चुके है, डिस्कवरी जैसे चैनल पर कार्यक्रम दे चुके है।इन सब ने शुरुआत ऐसे ही की थी।
गुणीजनों पहले ऐसी पुड़ियाओं के खुलने पर मै प्रतिवाद करता था, खंडन करता था। धीरे धीरे मैने पाया कि इंटरनेट पर स्वयं घोषित विद्वानों की भरमार है, इन विद्वानों की तर्क या वैज्ञानिक प्रमाणों से दुश्मनी होती है, बस हमने इन पर अपना समय बरबाद करना छोड़ दिया। हाँ कोई सही मे सच जानना चाहता है तब उसकी सहायता कर देते है।
पिछले पंद्रह वर्ष मे जो ज्ञान और महाज्ञानी लोग मैने इंटरनेट पर देखे है , उनकी एक छोटी सूची आप अपने मनोरंजन के लिए काम में ला सकते है।
  1. सारा विश्व कुछ धनी परिवार के लोग नियंत्रण करते है।(Illuminati)
  2. इलुमिनेती का एक और रूप, इसमे भविष्य मे एक विश्व सरकार बनेगी और सारी आतंकवादी घटनाये उस सरकार के लिये आधार बनाने हो रही है। (New world order)
  3. पृथ्वी चपटी है मानने वाले (http://www.theflatearthsociety.org/cms/)
  4. पृथ्वी स्थिर है, सूर्य चंद्रमा तारे पृथ्वी की परिक्रमा करते है। (http://www.fixedearth.com)
  5. पृथ्वी खोखली है, पृथ्वी के केंद्र मे एक छोटा सूर्य है और पृथ्वी के अंदर भी मानव रहते है। ( http://www.youtube.com/watch?v=RaPtq8F2hUc )
  6. कछुवे, शेषनाग पर पृथ्वी मानने वाले
  7. केवल छह हज़ार वर्ष पुरानी पृथ्वी मानने वाले
  8. डार्विन और विकासवाद को झुठलाने वाले महाविद्वान (Intelligent Design )
  9. पृथ्वी के उद्धार के लिये एक नया अवतार आयेगा, कल्कि, जीसस वग़ैरह (New Age)
  10. पृथ्वी से कोई ग्रह 2003, 2006, 2012, 2015, 2016,2020 .... टकराने वाला है।(Nibiru , Planet X )
  11. घटोक्तच , नेफलीम के कंकाल को खोज निकालने वाले
  12. हनुमान की गदा खोजने वाले
  13. Ancient Aliens वाले महाभक्त लोग, ये नही जानते कि हिस्टेरीया चैनल का ना तो इतिहास से कोई संबंध है नी ही विज्ञान से।
  14. धार्मिक ग्रँथ मे प्रकाश गति खोजने वाले, और ये दावा कमोबेश हर धर्म वालो ने किया है। इसमे आई आई टी के प्रख्यात प्रोफेसर भी है, जिन्होंने भौतिकी पर किताबें लिखी है।
  15. हर नयी खोज सिद्धांत को अपने धर्म मे खोजने वाले(सभी धर्म के महात्मा देखे है)
  16. चंद्रमा पर मानव के अवतरण को झुठलाने वाले

इंटरनेट पर ज्ञान और ज्ञानी बिखरे पढ़ें है, लपेटते चलो ......
-इति श्री गुरुघंटाल बाबा श्री श्री 1680 श्री आशिषानंद प्रवचनामृत

मेरे बारे मे

Ashish Shrivastava
सूचना प्रौद्योगिकी मे 20 वर्षो से कार्यरत। विज्ञान पर शौकीया लेखन : विज्ञान आधारित ब्लाग विज्ञान विश्व तथा खगोल शास्त्र को समर्पित अंतरिक्ष । एक संशयवादी(Skeptic)व्यक्तित्व!
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